दिल्ली से किताबों की खरीददारी
दूसरी बार दिल्ली आना हुआ है। दीदी सुनीता बैंसला जी की वजह से ही दोनों बार दिल्ली आना हुआ। पिछली बार मार्च -अप्रेल मे आया था, लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले। दीदी को टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा का टिकट दिए जाने की चर्चा थी। फाइनल पेनल मे भी दीदी जी का नाम गया था। समय की परियोजना मान कर ही मैंने अपने आप को दिलासा दिया कि इसी वजह से उनका टिकट नही हुआ। पता नही समय ने इनके भाग्य मे क्या लिख रखा है, मालूम नही भविष्य काल की क्या परियोजना है। हालांकि ये इस पद के लिए पूर्णतः क्वालीफाई करते है। इस बार दिल्ली आया तो प्रभात प्रकाशन पर जाना हुआ। कर्नल साहब पर पुस्तक के सिलसिले मे। बड़ा सुंदर पब्लिकेशन हाउस है ये। प्रोफेशनल वातावरण है। आंगनतुको को चाय कॉफी का पूछते है ये लोग, और जोरी से चाय पिलाते है। यहाँ के कॉर्डिंनेटर जगदीश जी बड़े ऊर्जावान और सक्रिय व्यक्ति लगे। किताबों की सूची मांग कर मैंने तीन किताबें खरीदी : जंगल बुक , दस उपनिषद और नेपोलियन की आत्मकथा। एलिस इन वंडर लेंड विशेष तौर पर देव और प्रिंस के लिए ली है। बिल देखा तो उसमे 40% का डिस्काउंट...