दिल्ली यात्रा
इस साल तीन बार दिल्ली जाना हुआ। अभी छ तारीख कों इंदर भाई देवलेन और मै ट्रेन से दिल्ली गए.
दीदी सुनीता बैंसला जी के बंगले पर जाना था हमें, यहाँ कर्नल बैंसला साहब की सुक्तियों पर आधारित किताब पर कुछ काम पेंडिंग था, इसी कारण हम दिल्ली गए थे।
तीन दिन दिल्ली रहे, दीदी बहुत अच्छे से ख्याल रखती है.
इस बार हम उनके ऑफिस भी जाकर आए. उनका ऑफिस जीवन से भरा हुआ है , ऑफिस के अंदर ही उन्होंने कोई पचास गमले रखे हुए है. सब के सब स्वस्थ और खिले हुए.
ऐसा जीवंत ऑफिस मैंने कही नही देखा.
अच्छी यात्रा रही.
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