रिश्तें
बड़ा नाजुक शब्द है 'रिश्ते'
लेकिन समझने के लिए आपको मजबूत दिमाग़ और कोमल हृदय की जरूरत होती है.
मेरा एक दोस्त था, कोई सात साल तक उससे बात होती थी, हम दोनों ने इन सात सालो मे जिंदगी की हर ऊंचाई और गिरावट कों साथ झेला, खूब हँसी मजाक करते थे. खूब चर्चाएं करते थे. चर्चाएं लोगो की , घटनाओं की और परिघटनाओं की.
हम दोनों ने बहुत सा समय साथ मे बिताया. उनकी वजह से मै जहरीले लोगो से दूर हुआ, जिंदगी कों सादगी और शुचिता की नजर से देख पाया.
वें मजबूत शख्सियत वाले व्यक्ति थे, उनका चरित्र मजबूत था मेरी निगाहो मे.
फिर एक दिन समय ने हम दोनों कि दोस्ती से करवट ले ली.
मै उनसे इस वजह से नाराज हुआ कि वो मुझे रेस्पॉन्ड नही कर रहे थे. और जब मैंने नाराजगी जाहिर की तो वें वापस ही नही लौटे. उनके मन मे खुद कों साबित करने कि जुगत नही थी.
वें सोचते थे, कि मै सही हूं तो मुझे क्यों खुद कों स्पष्ट करना पड़े.
खैर, हमारी बात नही हुई लगभग छः महीने.
मैंने उनसे वापस बात करनी चाही, लेकिन वें रिश्ते कों जीने से मना कर चुके थे.
मैंने हर तरह से प्रयास किये, लगभग ग्यारह महीने. लेकिन अब वें बात नही करना चाहते थे. संवाद की गुंजाईश समाप्त हों रही थी.
सोचता हूं, रिश्ते कों बचाया जाना चाहिये. गलती कोई भी कर सकता है. जीवन से बड़ा कुछ नही है, न गलतियाँ, न नाराजगी.
सोचता हूं, हर रिश्ते का एक समय और स्पेस होता है. फिर रिश्ता अपना कलेवर बदल लेता है, अपना स्वाद बदल लेता है.
सोचता हूं, खतम कुछ नही होता, बस चीजे बदल जाती है. बदलावो कों स्वीकार करे न करे. बदलाव हों निश्चित होते ही है.
सोचता हूं, जों लोग हमारे आसपास होते है. रोज़ दिखते है. इंसान उन्हें जल्दी एडजस्ट कर लेता है. दूरी रिश्ते के लिए खतरनाक है. दूरी कल्पना पूर्ण रिश्ता बनाती है. और कल्पना ध्वस्त होती है एक रोज़.
मैंने अपने मित्र कों यह समझाने की भूल की, कि मेरी वजह से उनका जीवन सुंदर और मजबूत बना है. उन्हें मेरा योगदान समझते हुए पुनः संवाद पर विचार करना चाहिये.
भूल इसलिय, क्यूंकि आपसी योगदान किसी रिश्ते कि नींव तो होता है. लेकिन आप क़भी गिनती नही करवा सकते.
रिश्ते व्यक्ति कों स्पष्ट करते है. रिश्ते व्यक्ति कि गहराई बताते है. रिश्ते व्यक्ति के लिए जीवन का अंग है.
हम हर समय हर जगह रिश्तो मे होते है. लोगो के साथ, दिन और रात के साथ, हवा और पानी के साथ, अपने शरीर और चेतना के साथ.
रिश्ते हमें जीने का रास्ता बताते है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें